ऑनलाइन धोखाधड़ी और अकाउंट हैकिंग के बढ़ते मामलों के बीच, Google ने अपने यूज़र्स की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने नए सिक्योरिटी और प्राइवेसी अपडेट में कई अहम फीचर्स जोड़े हैं — जिनमें सबसे खास है Recovery Contacts फीचर, स्मार्ट Scam Protection, और मोबाइल नंबर से साइन-इन का नया विकल्प।
इस अपडेट का मकसद है — अकाउंट रिकवरी को आसान बनाना और ऑनलाइन ठगी (fraud) से यूज़र्स को सुरक्षित रखना।
Recovery Contacts: अब अकाउंट रिकवरी और भी आसान
अब अगर आप पासवर्ड भूल जाएँ या अकाउंट एक्सेस खो दें, तो घबराने की जरूरत नहीं।
Google ने पेश किया है Recovery Contacts फीचर, जिसके जरिए आप अपने भरोसेमंद दोस्तों या परिवार के सदस्यों को “रिकवरी हेल्पर” बना सकते हैं।
जब आपका अकाउंट लॉक हो जाए, तो आपके चुने हुए कॉन्टैक्ट को एक 15 मिनट के लिए वैध वेरिफिकेशन कोड मिलेगा।
आपको वह कोड डालकर अपनी पहचान कन्फर्म करनी होगी।
- आप 10 तक रिकवरी कॉन्टैक्ट्स जोड़ सकते हैं।
- एक बार किसी कॉन्टैक्ट का इस्तेमाल हो जाने पर, वह 7 दिन तक दोबारा मदद नहीं कर सकता।
यह फीचर उन यूज़र्स के लिए वरदान साबित होगा जो बार-बार पासवर्ड भूल जाते हैं या टू-स्टेप वेरिफिकेशन में अटक जाते हैं।
Google Messages में Scam Protection और Safer Links फीचर
Google Messages अब पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गया है।
कंपनी ने Safer Links फीचर जोड़ा है, जो किसी संदिग्ध लिंक को क्लिक करने से पहले आपको चेतावनी देगा।
अगर किसी मैसेज में फिशिंग या मालवेयर लिंक पाया गया, तो ऐप आपको “खतरे की चेतावनी” दिखाएगा और साइट को तब तक ब्लॉक रखेगा जब तक आप खुद पुष्टि न करें।
इसके साथ ही, नया AI Scam Detection सिस्टम अब फेक मैसेज, OTP फ्रॉड और लिंक स्कैम जैसी गतिविधियों को बेहतर ढंग से पहचान सकेगा।
यह फीचर वैश्विक स्तर पर रोलआउट हो रहा है और जल्द ही भारत में भी उपलब्ध होगा।
Key Verifier: अब चैट होगी और भी सुरक्षित
Google ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट के लिए नया Key Verifier फीचर भी लॉन्च किया है।
यह आपको और आपके कॉन्टैक्ट को QR कोड स्कैन करके चैट की ऑथेंटिसिटी कन्फर्म करने देता है।
इससे यह सुनिश्चित होता है कि आपकी बातचीत किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा इंटरसेप्ट न की जाए।
यह फीचर Android 10 और उससे ऊपर के सभी डिवाइसेज़ में उपलब्ध रहेगा।
मोबाइल नंबर से साइन-इन: पासवर्ड झंझट खत्म
अब Google यूज़र्स पासवर्ड की जगह अपने मोबाइल नंबर से साइन-इन कर पाएंगे।
यह नया विकल्प ईमेल या बैकअप कोड्स की जगह डिवाइस स्क्रीन लॉक या पैटर्न से आपकी पहचान वेरिफाई करेगा।
आप देख सकेंगे कि आपका मोबाइल नंबर किन अकाउंट्स से जुड़ा है और सीधे फोन से साइन-इन कर सकेंगे।
यह फीचर धीरे-धीरे सभी रीजन में रोलआउट हो रहा है।
डिजिटल सेफ्टी के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू
Google ने सिर्फ तकनीकी अपडेट ही नहीं, बल्कि यूज़र्स को जागरूक करने की पहल भी शुरू की है।
कंपनी अपने “Be Scam Ready” प्रोग्राम के तहत लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड पहचानने की ट्रेनिंग दे रही है और National Cybersecurity Alliance के साथ मिलकर डिजिटल सेफ्टी जागरूकता बढ़ा रही है।
नया अपडेट क्यों जरूरी है?
आज के समय में फिशिंग, OTP फ्रॉड और अकाउंट हाईजैकिंग जैसी घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं।
Google का यह अपडेट यूज़र्स को न सिर्फ तकनीकी सुरक्षा देता है, बल्कि मानवीय भरोसे (Recovery Contacts) को भी जोड़ता है — जिससे ऑनलाइन सुरक्षा और मजबूत बन सके।
यह अपडेट आने वाले दिनों में धीरे-धीरे सभी Android डिवाइसेज़ और Google अकाउंट्स पर पहुंच जाएगा।
निष्कर्ष
Google का यह सिक्योरिटी अपडेट दिखाता है कि टेक कंपनियाँ अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि यूज़र ट्रस्ट को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
Recovery Contacts, Scam Protection, और Mobile Sign-In जैसे फीचर्स ऑनलाइन सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।
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